×
userImage
Hello
 Home
 Dashboard
 Upload News
 My News
 All Category

 News Terms & Condition
 News Copyright Policy
 Privacy Policy
 Cookies Policy
 Login
 Signup
 Home All Category
     Hot Issue      Political      Post Anything
Thursday, Jul 18, 2024,

National / Hot Issue / India / Delhi / New Delhi
दो दिवसीय ग्लोबल इंडिया एआई शिखर सम्मेलन 2024

By  AgcnneduNews... /
Thu/Jul 04, 2024, 02:21 AM - IST -99

  • दो दिवसीय ग्लोबल इंडिया एआई शिखर सम्मेलन 2024 आज नई दिल्ली में शुरू हुआ।
  • इस कार्यक्रम में 1000 से अधिक जीपीएआई प्रतिनिधि, एआई से जुड़े विशेषज्ञ और पेशेवर व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए।
  • शिखर सम्मेलन में दो दिनों में 12 सत्र होंगे और 100 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ भाग लेंगे।
  • डीप-टेक स्टार्टअप्स ने शिखर सम्मेलन में एआई समाधानों का प्रदर्शन किया।
New Delhi/

दिल्ली/दो दिवसीय ग्लोबल इंडिया एआई शिखर सम्मेलन 2024 आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ। इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री, भारत सरकार, श्री अश्विनी वैष्णव, जापान के आंतरिक मामले और संचार मंत्रालय के उप मंत्री श्री हिरोशी योशिदा, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री, भारत सरकार, श्री जितिन प्रसाद, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव श्री एस कृष्णन, नैसकॉम की अध्यक्ष  सुश्री देबजानी घोष, ओपन एआई के उपाध्यक्ष श्री श्रीनिवास नारायणन और इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी मंत्रालय के अपर सचिव श्री अभिषेक सिंह शामिल हुए।

इस आयोजन में ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) के विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों, उद्योग और स्टार्टअप दिग्गजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े पेशेवरों, शिक्षाविदों, छात्रों और केंद्र एवं राज्य सरकारों के अधिकारियों की भागीदारी देखी गई।

श्री अश्विनी वैष्णव ने सभा को संबोधित करते हुए, प्रौद्योगिकी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लोकतांत्रिक बनाने और इसे सभी के लिए सुलभ बनाने के भारत सरकार के इरादे और दृष्टिकोण पर जोर दिया, जिससे कोई भी पीछे न छूटे। उन्होंने कहा कि सरकार एआई केंद्रित कॉमन यूज पब्लिक प्लेटफॉर्मों में निवेश करना चाहती है, जिसका उपयोग सभी लोग प्रतिस्पर्धी और सहयोगात्मक तरीके से उत्पादों व सेवाओं को नवीनीकृत करने, विकसित करने एवं वितरित करने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने जापान, यूरोपीय संघ, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा एआई क्षेत्र में विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने एआई द्वारा उत्पन्न जोखिमों के बारे में भी आगाह किया, जो लोकतांत्रिक समुदायों के लिए खतरा हो सकते हैं। श्री वैष्णव ने जिम्मेदारीपूर्ण और मानव केंद्रित एआई का आह्वान किया।

श्री हिरोशी योशिदा ने भारत सरकार की प्रशंसा की और कहा कि ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) का आयोजन जिम्मेदारीपूर्ण एआई के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने ग्लोबल साउथ में जीपीएआई के अध्यक्ष के रूप में भारत का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि जापान ने ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) के टोक्यो केंद्र की स्थापना की है। श्री हिरोशी योशिदा ने कहा कि होरिश्मा एआई प्रोसेस फ्रेंड्स ग्रुप 53 देशों तक बढ़ गया है और भारत इसमें शामिल होने वाले पहले देशों में से एक था।

श्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत वैश्विक एआई नवाचार में सबसे आगे खड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रतिबद्धता एक समावेशी और मजबूत एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है। यह वैश्विक स्तर पर भारत द्वारा हासिल की गई उच्चतम एआई कौशल पहुंच और देश में एआई स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने में किए गए पर्याप्त निवेश से स्पष्ट है। उन्होंने इंडिया एआई मिशन के दृष्टिकोण पर बल दिया, जिसका उद्देश्य भारत में एआई बनाना और एआई को भारत के लिए काम करना है। उन्होंने स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में समस्याओं और चुनौतियों के समाधान के लिए एआई के समाधान विकसित करने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिकृति के लिए अन्य देशों द्वारा भारत की डीपीआई की मांग की जाती है। भारत के एआई समाधानों का भविष्य भी समान होने की परिकल्पना की गई है।

श्री एस कृष्णन ने कहा कि अधिक जनसंख्या के स्तर पर एआई को अपनाने के लिए बहु-हितधारक दृष्टिकोण आवश्यक है। उन्होंने बड़े पैमाने पर समुदाय के लिए एआई के लाभों और सभी परिदृश्यों में उपयोगकर्ता के नुकसान को रोकने पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारशिलाओं में से एक होगा।

श्री श्रीनिवास नारायणन ने एआई पर वैश्विक शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि ओपन-एआई इंडियाएआई के साथ साझेदारी करके एक वैल्यू जोड़कर योगदान देना चाहेगा। उन्होंने एआई समाधानों के विभिन्न उपयोग-मामलों विशेष रूप से डिजिटल ग्रीन (कृषि में), भाषिणी (भारतीय भाषा में), फिजिक्स वाला (शिक्षा में), आदि को साझा किया।

सुश्री देबजानी घोष ने एआई संबंधी सच्चाइयों के बारे में बात की और बताया कि पहला सच यह है कि एआई परिवर्तनकारी प्रभाव डाल रहा है, दूसरा निवेश पर मिलने वाले लाभों के साथ निवेश के सामंजस्य के बारे में है, और तीसरा एआई का मानव संचालित पहलू है जहां इसे हर समस्या के मैजिक बुलेट समाधान के तौर पर न देखने की बात की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इंडियाएआई वास्तव में समावेशी बनकर और एआई लूप में मानव को रखने के बजाय एआई को मानव लूप में रखकर एआई के लिए एक स्वर्णिम मानक स्थापित करेगा।

उद्घाटन समारोह में श्री अभिषेक सिंह ने समारोह में गणमान्य व्यक्तियों, जीपीएआई विशेषज्ञों और अनुसंधान एवं शिक्षा, उद्योग, स्टार्टअप और सरकार के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने इंडियाएआई मिशन के बारे में संक्षेप में बताया और साझा किया कि मिशन के 7 स्तंभों को गहनता के साथ कवर करने के लिए दो दिनों में 12 सत्रों की योजना बनाई गई है। इसके पीछे की सोच मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और बहुआयामी दृष्टिकोण से आगे बढ़ने के तरीके पर चर्चा करना है। उन्होंने यह भी बताया कि जीपीएआई के अध्यक्ष के रूप में भारत, जीपीएआई के भविष्य के दृष्टिकोण के साथ आने के लिए जीपीएआई सदस्य राज्यों, ओईसीडी और वैश्विक दक्षिण के साथ मिलकर काम कर रहा है।

बताते चले कि, भारत सरकार 3-4 जुलाई, 2024 को नई दिल्ली में 'ग्लोबल इंडियाएआई समिट' का आयोजन कर रही है। शिखर सम्मेलन में कम्प्यूट क्षमता, आधारभूत मॉडल, डेटासेट, अनुप्रयोग विकास, भविष्य के कौशल, स्टार्टअप वित्तपोषण और सुरक्षित एआई जैसे क्षेत्रों में एआई विकास को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो इंडियाएआई मिशन के सात प्रमुख स्तंभ हैं। इंडियाएआई मिशन को मार्च 2024 में 1.25 बिलियन डॉलर के परिव्यय के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया गया है।

जीपीएआई 29 सदस्य देशों के साथ एक बहु-हितधारक पहल है, जिसका उद्देश्य एआई से संबंधित प्राथमिकताओं पर अत्याधुनिक अनुसंधान और प्रयुक्त गतिविधियों का समर्थन करके एआई पर सिद्धांत और व्यवहार के बीच की खाई को पाटना है। भारत 2024 में जीपीएआई का अध्यक्ष (लीड चेयर) है। जीपीएआई के अध्यक्ष के रूप में, भारत प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने और भरोसेमंद एआई को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक एआई विशेषज्ञों की मेजबानी कर रहा है।

वर्चुअल भागीदारी https://www.youtube.com/@DigitalIndiaofficial/streams  पर उपलब्ध कराई गई है

इंडियाएआई और जीपीएआई के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया https://indiaai.gov.in/ देखें 

By continuing to use this website, you agree to our cookie policy. Learn more Ok