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Thursday, Jul 18, 2024,

National / Hot Issue / India / Delhi / New Delhi
Arvind Kejriwal News: हाईकोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने से किया इनकार

By  AgcnneduNews... /
Tue/Jun 25, 2024, 05:35 AM - IST -126

  • शराब घोटाले मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने का निचली अदालत का फैसला रद्द कर दिया है।
  • हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को 24 जून तक लिखित दलील दाखिल करने को कहा था। जिस पर दोनों ओर से जवाब दाखिल कर दिए गए।
New Delhi/

न्यू दिल्ली/अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट से मंगलवार को राहत नहीं मिली है। ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाया। दिल्ली हाई कोर्ट ने ईडी की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल को निचली अदालत के जमानत आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा। हाईकोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में ट्रायल कोर्ट के आदेश को दोषपूर्ण बताते हुए कहा था कि केजरीवाल को राहत नहीं मिलनी चाहिए। केजरीवाल को निचली अदालत ने 20 जून को जमानत दी थी। 21 जून को प्रवर्तन निदेशालय ने मुख्यमंत्री को जमानत दिए जाने को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया। इस बीच, केंद्रीय जांच एजेंसी ने निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने के लिए तत्काल आवेदन दायर किया। हाईकोर्ट की एक अवकाशकालीन पीठ ने कहा था कि अगले आदेश तक जिस फैसले को चुनौती दी गई है, उसे अमल में नहीं लाया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को 24 जून तक लिखित दलील दाखिल करने को कहा था। जिस पर दोनों ओर से जवाब दाखिल कर दिए गए।

जस्टिस सुधीर कुमार जैन की पीठ ने राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर रोक बरकरार रखी है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू करते हुए कहा कि निचली अदालत की अवकाशकालीन पीठ ने केजरीवाल को जमानत देते समय अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने कहा हमने दोनों पक्षों को सुना। लेकिन निचली अदालत ने ईडी के दस्तावेजों पर गौर नहीं किया। निचली अदालत ने पीएमएलए की धारा 45 की दोहरी शर्तों पर गौर नहीं किया। 

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी थी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस मनोज मिश्रा और एसवीएन भट्टी की अवकाश पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट को अपना आदेश देने दीजिए। हम आपको 26 जून को सुनेंगे।

क्या दी गईं दलीलें?

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में केजरीवाल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कथित आबकारी घोटाले से जुड़े ईडी के मामले में जमानत आदेश पर उच्च न्यायालय की रोक हटाने का अनुरोध किया। ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने केजरीवाल की याचिका का विरोध किया और कहा कि हाईकोर्ट उनकी रोक याचिका पर फैसला सुनाने वाला है।

निचली अदालत पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि ईडी की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल राजू ने मुद्दा उठाया कि निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था की इतने दस्तावेज पढ़ना संभव नही हीं था। इस तरह की टिप्पणी पूरी तरह से अनुचित थी और ये दर्शाती है कि ट्रायल कोर्ट ने रिकॉर्ड पर अपना ध्यान नहीं दिया। 

ट्रायल कोर्ट ने ईडी के सबूतों पर अपना दिमाग नहीं लगाया- HC

जमानत पर सुनवाई के दौरान आज मंगलवार को हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट की यह टिप्पणी कि भारी भरकम सबूतों पर विचार नहीं किया जा सकता, पूरी तरह से अनुचित है। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत का रुख यह दर्शाता है कि ट्रायल कोर्ट ने सबूतों पर अपना दिमाग नहीं लगाया है। निचली अदालत को ईडी को जमानत याचिका पर उचित बहस का मौका देना चाहिए था। कोर्ट ने कहा कि पीएमएलए की अनिवार्य शर्तों पर निचली अदालत में पूरी तरह से जिरह नहीं की गई। इससे पहले, अपनी याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में लिखित जवाब दाखिल कर सूचित किया था कि जमानत देने का निचली अदालत का आदेश विकृत निष्कर्षों पर आधारित था।

ईडी ने निचली अदालत के निर्णय पर उठाए थे सवाल

ईडी ने तर्क दिया था कि राउज एवेन्यू की अवकाशकालीन न्यायाधीश न्याय बिंदु ने जांच एजेंसी द्वारा अपराध के संबंध में पेश की गई सबूतों पर विचार नहीं किया। एजेंसी ने तर्क दिया कि अदालत ने मामले पर उचित जिरह करने का अवसर नहीं दिया था।

वहीं, मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से दाखिल किए गए लिखित जवाब में कहा था कि 14 जून को जिस अवकाश न्यायाधीश के समक्ष मामला सूचीबद्ध था, उनका कार्यदिवस एक दिन का था। ऐसे में दोनों पक्षों की सहमति पर मामले को 19 जून को बैठने वाली अवकाश न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध किया गया, जिनका कार्यदिवस दो दिन का था।

ईडी ने 1 घंटे 15 मिनट तक पेश की थी जिरह (पूछ-ताछ)

नोट में कहा कि 19 जून को केजरीवाल की तरफ से एक घंटे और ईडी की तरफ से दो घंटे जिरह की गई। इसके बाद 20 जून को हुई सुनवाई के दौरान ईडी ने एक घंटे 15 मिनट तक अपनी जिरह पेश की। पूरे मामले में पांच घंटे 30 मिनट तक जिरह हुई और जांच एजेंसी ने अपना लिखित जवाब भी अदालत के समक्ष दाखिल किया।

इसके बाद सभी सबूतों पर गौर करने के बाद अदालत ने नियमित जमानत देने का निर्णय सुनाया। इसमें कहा गया कि केजरीवाल का विजय नायर व विनोद चौहान से कोई सीधा संपर्क नहीं था। इतना ही नहीं गोवा चुनाव में रुपये खर्च करने का ईडी के पास कोई सुबूत नहीं है।

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